STORYMIRROR

Praveen Gola

Abstract

4  

Praveen Gola

Abstract

स्क्विरल्स इन अ प्लेन ट्री'

स्क्विरल्स इन अ प्लेन ट्री'

1 min
399

अबुल हसन था एक मिनियचर चित्रकार, जिसकी चित्रकारी से सजता था मुगल दरबार।

उनकी प्रसिद्धता इस पेंटिंग में झलकती है, 'स्क्विरल्स इन अ प्लेन ट्री' नाम से जो चमकती है।

चित्र में दिखता है प्लेन ट्री का नजारा, जो मुग़ल शासकों का विशेष दुलारा।

ये पर्सिया में चिनार नाम से जाना जाता, कश्मीर में जिसके पेड़ों से खूबसूरत समा छाता।

चित्र में दिखता है कुछ जंगली जानवरों का शोर, पेड़ के नीचे उछलती गिलहरियाँ, हिरण और मोर।

एक शिकारी भी लगा रहा था अपनी पैनी नजर, मानो सब जंगली जानवर हो रहे बेखबर।

इस चित्र को देखते ही बढ़ जाती है एक रुचि, जिसमें सच के साथ अंदाज़-ए-गहराई की है शुचि।

अबुल हसन ने किया था एक ऐसा कमाल, जिससे चित्रकारी में दिलचस्पी का जगा नया बवाल।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract