Yogeshwar Dayal Mathur
Inspirational
ढूंढ रहे थे फ़रोश को
खरीदने जिंदगी की नेमतें
भरे थे बाज़ार हर साज़ से
सकून कहीं मयस्सर न था
ख्वाहिशें हासिल हुईं
तमन्नाओ का मंजर छटा
अहसास हुआ अपने आप में
सुकून तो हमारे अंदर ही था।
आधे अधूरे
तोहफ़ा
कल्पना
दीपावली
कुछ लोग
मौसम
परछाईं
मुलम्मा
मुक़द्दर
शिल्पकार
ये दो दिन की जिंदगी खूबसूरत सी मेहमान है। ये दो दिन की जिंदगी खूबसूरत सी मेहमान है।
अपनी ज़िंदगी जब ख़ुद सँवारना सीख जाओगे। अपनी ज़िंदगी जब ख़ुद सँवारना सीख जाओगे।
मत सोचो जो मिल गया वो ही मुकद्दर है, जिंदगी में कुछ और पाने की तैयारी रखो। मत सोचो जो मिल गया वो ही मुकद्दर है, जिंदगी में कुछ और पाने की तैयारी रखो।
अधूरा यज्ञ होगा पूर्ण आहुतियां होंगी सार्थक। अधूरा यज्ञ होगा पूर्ण आहुतियां होंगी सार्थक।
किस मद में ही होकर वो चूर। लगता तो है युद्ध को आतुर। किस मद में ही होकर वो चूर। लगता तो है युद्ध को आतुर।
सर्व हितकारी भाव जब रखते हैं हम तब ही तो कहते हैं हम सारा आकाश हमारा है। सर्व हितकारी भाव जब रखते हैं हम तब ही तो कहते हैं हम सारा आकाश हमारा है।
कोविड नाम का दैत्य आया, मानव नेे भी, अपना सुुुरक्षा कवच उठाया। कोविड नाम का दैत्य आया, मानव नेे भी, अपना सुुुरक्षा कवच उठाया।
तम के अंधकार को भेद कर, तू सूरज सा चमकाता है, तम के अंधकार को भेद कर, तू सूरज सा चमकाता है,
याद आते हैं बुजुर्ग बहुत दादा, दादी, नाना, नानी की कहानी लिख रहा हूं। याद आते हैं बुजुर्ग बहुत दादा, दादी, नाना, नानी की कहानी लिख रहा हूं।
तरह-तरह के व्यंजन चख कर देखे स्वाद किसी का ना मन को भाए तरह-तरह के व्यंजन चख कर देखे स्वाद किसी का ना मन को भाए
अर्थ को समझ जाएं तो आओ भोर वाले मित्र बनाएं। अर्थ को समझ जाएं तो आओ भोर वाले मित्र बनाएं।
संकल्पों को साकार करना है समयबद्ध प्रयास करना है। संकल्पों को साकार करना है समयबद्ध प्रयास करना है।
पूरे हुए पिछत्तर वर्ष आज़ादी के कितनों का बलिदान है , कितनों का योगदान है। पूरे हुए पिछत्तर वर्ष आज़ादी के कितनों का बलिदान है , कितनों का योगदान ह...
उसकी मेहनतकश बाजुओं के आगे, तूफान के हौसले भी हताश हैं। उसकी मेहनतकश बाजुओं के आगे, तूफान के हौसले भी हताश हैं।
बंधन अनोखा है, रखे नहीं धोखा है। पत्नी संग मिलकर, नव वृक्ष रोपा है। बंधन अनोखा है, रखे नहीं धोखा है। पत्नी संग मिलकर, नव वृक्ष रोपा है।
कोविड से संग्राम में हमारा, माना हो गया है बेहतर हाल। कोविड से संग्राम में हमारा, माना हो गया है बेहतर हाल।
ईश्वर ने नहीं सबको मनुष्य का जन्म दिया है ये जन्म लेकर तुमने मनुष्य योनि को सार्थक किया ईश्वर ने नहीं सबको मनुष्य का जन्म दिया है ये जन्म लेकर तुमने मनुष्य योनि को सार...
आओ ! गुस्सा त्यागें, हम प्रेम– सौहार्द की बात करें। आओ ! गुस्सा त्यागें, हम प्रेम– सौहार्द की बात करें।
तो मंज़िलें आसान बने चलो जो साथ मेरे रास्ता न वीरान बने ! तो मंज़िलें आसान बने चलो जो साथ मेरे रास्ता न वीरान बने !
कागा काला कोयल काली फर्क न जाने कोय। कागा काला कोयल काली फर्क न जाने कोय।