सकारात्मक भाव फैलाते चलो ।
सकारात्मक भाव फैलाते चलो ।
मन में न नकारात्मक भाव आने दो,
सकारात्मक भाव ढूंढते चलो।
क्या होगा, कैसे होगा, सोच समय न व्यर्थ करो,
कार्य करते हुए समय का उपयोग करो।
उम्मीद के दिए जलाते चलो,
सकारात्मक भाव फैलाते चलो।
बेटी हुई जो घर में तुम्हारे, ज़माना क्या कहेगा,
बुरे कर्मों का फल है ये, सोच न मन में ये पाल अहो।
बेटे मिलते हैं भाग्य से ग़र तो,
बेटी मिलती सौभाग्य से कहो।
खुशियों के दीप जलाते चलो,
सकारात्मक भाव फैलाते चलो ।
कल करूंगा ये काम,
ये भाव न मन में उत्पन्न करो।
करना है जो कार्य,
उसे उसी क्षण सम्पन्न करो।
मेहनत से दीप जलाते चलो,
सकारात्मक भाव फैलाते चलो ।
मिले जरूरतमंद राह में ग़र तो
न ठोकर उन्हें मार अहो।
कर भला तो हो भला,
वाक्य का अर्थ सभी को समझाए चलो।
इंसानियत के दीप जलाते चलो,
सकारात्मक भाव फैलाते चलो ।
