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pawan Mohakul

Romance

4  

pawan Mohakul

Romance

सिम्पटम ऑफ लव

सिम्पटम ऑफ लव

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मेरा दिन तुम्हारी रात का इंतेजार में होता है,

और तुम पूछते हो मुझसे प्यार कैसे होता है ।


क्या करें अब हम कि शिकायतें हैं तुम्हे हमसे,

मनाना भी नहीं आता अगर रूठे कोई हमसे ।


लिखा है हर एक शब्द बस इस दिलासे पर,

पढ़ोगी तो शायद भरोसा करोगी मेरे इरादे पर ।


धोका कहां कभी इश्क़ के इजहार में होता है,

और तुम पूछते हो मुझसे प्यार कैसे होता है ।



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