STORYMIRROR

Neerja Sharma

Abstract

3  

Neerja Sharma

Abstract

श्रद्धा

श्रद्धा

1 min
1K

विश्वास मन में तब आता है जब कहीं होता है अविश्वास,

अविश्वास को दूर करने के लिए होता विश्वास का प्रयास।


जब तक रहती है यह कश्मकश

श्रद्धा न आती है पास, मन इनसे ऊपर उठता चुपके से श्रद्धा आ जाती पास।


जब जागृत हो जाती श्रद्धा पूर्ण होते सारे काज,

मन को सुकून मिल जाता आत्मसंतुष्ट हो जाता।


असाध्य भी साध्य होता जीवन सफल हो जाता 

सम्पूर्ण होते सगरे काज मन प्रफुल्लित हो जाता।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract