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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Inspirational

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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Inspirational

मैं आजकल बस यह काम कर रहा हूं

मैं आजकल बस यह काम कर रहा हूं

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मैं आजकल बस यह काम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


जो भी कर रहा हूं,

खुलेआम कर रहा हूं।

अपने जज़्बातों को,

सरेआम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं


सबके दिलों में बसने की,

कोशिशें तमाम कर रहा हूं।

सबके दिलों का एक कोना,

अपने नाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


मुझे सिर आँखों पर बैठाने वालों को,

सलाम कर रहा हूं।

मुझे रोकने की साजिशें करने वालों को,

अब बेनाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


नींबू को संतरा और पपीते को,

आम कर रहा हूं।

अपने विचारों के घोड़ों को,

बेलगाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


दुश्मनों की चालों को,

नाकाम कर रहा हूं।

बुरा करने वालों को,

बदनाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


बुरी नीयत रखने वालों को,

अब गुमनाम कर रहा हूं।

उनके नाम अपनी सफलता की,

खुशी का जाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


लोगों के ज़हन में रहने का,

इंतज़ाम कर रहा हूं।

सबको खुशी देने की कोशिश,

सुबह शाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


मुझे दर्द देने वालों को,

यह पैगाम कर रहा हूं।

मैं तो खुश रहूंगा यह दावा,

तुम्हारे नाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


अपनी परेशानियों को,

अपना गुलाम कर रहा हूं।

अपने सारे ग़मों का मैं,

कत्ल ए आम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


बाजार ए दुनिया में अपना,

ऊंचा दाम कर रहा हूं।

इसके लिए इतना बड़ा,

ताम झाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


अपनी हसरतों का जायज़,

मुक़ाम कर रहा हूं।

अपना चैन और अपनी नींद,

हराम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


अपने ख़्वाबों ख़्वाहिशों का,

सही अंजाम कर रहा हूं।

जन्नत में एक छोटी सी जगह,

अपने नाम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


मुझे खुशी देने वाले लोगों के नाम,

शायरी का एक कलाम कर रहा हूं।

अब उनको खुश देखकर,

मैं आराम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


मैं आजकल बस यह काम कर रहा हूं।

मैं अपना बड़ा नाम कर रहा हूं।


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