उस लड़की को छोड़ आया हूँ मैं
उस लड़की को छोड़ आया हूँ मैं
जोनाथन इस्टमन जॉनसन था नाम उनका, अमेरिकी चित्रकार थे वो बड़े शानदार ,
मेट्रोपोलिटन म्यूज़ियम के संस्थापक थे वो, जिसके प्रवेश द्वार पर लिखा है उनका नाम।
उनके बढ़िया चित्रों से उन्हें जानते थे सभी, जीवन की दिनचर्या से वो बनाते थे चित्र,
पोर्ट्रेट्स भी उनके होते थे बहुत लोकप्रिय, अपनी कला से मोहते थे वो सबका हृदय।
जॉनसन की कला ने दिखाये जीवन के रंग, जीवन के उत्सव उनकी चित्रकारी में रहते संग,
बसता है एक अलग ज़हान उनकी चित्रकारी में, एक अलग ही महत्व है उनका इस कलाकारी में।
" उस लड़की को छोड़ आया हूँ मैं " ये नाम है इस खूबसूरत चित्र का,
जो एक चोटी पर खड़ी है जहाँ, हवाओं में उड़ रहे थे उसके बाल।
उसके सामने राह खत्म होती है, अब पीछे मुड़ना या आगे था बढ़ना उसे ,
उसकी शादी की अंगूठी बताती है, कि उसका पति युद्ध में था जा चुका।
उसके नीचे काँटों की रेलिंग थी, और आसपास था घना कोहरा ,
ऐसा लगता मानो इस दुनिया ने बना दिया, चारों ओर अस्थिरता और अनिश्चितता का घेरा।
उसे प्रतीत होता कि मानो, जॉनसन था उसके सामने खड़ा ,
और कुछ नये संकेतों के मिलने के इंतजार में, उसका बेचैन हृदय था जोरों से धड़क रहा।
" उस लड़की को छोड़ आया हूँ मैं" रेजिमेंटल गाने से ये नाम मिला है,
जब जोनसन वापस लौटेगा युद्ध से, तो क्या वो फिर से अपनी मोहब्बत पायेगा ?
