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Bhoop Singh Bharti

Abstract

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Bhoop Singh Bharti

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श्राद्ध

श्राद्ध

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पूर्वजों के श्राद्ध पै, शरू करो ये लीक

पाखण्डों को छोड़कै, सेवा करणा सीख।


सेवा करणा सीख, रहै ना भूखा कोई

पड़ै काटणी देख, फसल जो हमनै बोई।


कहै 'भारती' करो, सेवा  मिलैगी मेवा

सबतै बढ़कै  हुवै, पूर्वज अपणे देवा।


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