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Rominder Thethi

Inspirational

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Rominder Thethi

Inspirational

शिक्षक

शिक्षक

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जिनका जिक्र किसी जुबां पे ना आया

उन लाखों हजारों को

मैं सलाम करता हूँ समाज के सृजनहारों को!

जब दुनिया घरों में सिमट गई थी

और बन्द था सारा देश

घर से ही घरों तक जिन्होंने शिक्षा पहुंचा दी

वो यही थे लोग विशेष

बिन वेतन बिन संसाधन

बिन महत्वाकांक्षा बिन अभिवादन

वह अपना फर्ज निभाते गये

दिन आते गये दिन जाते गये

किसी को उनकी फिक्र ना हुई

ना अदारों को ना सरकारों को

मैं सलाम करता हूँ समाज के सृजनहारों को!


अभिभावक नहीं चाहते स्कूलों के शुल्क भरना

स्कूल नहीं चाहते शिक्षकों को कुछ अदा करना

लाकडाऊन का सबको बहाना मिल गया है

अपनी बात मनवाने को किसी को न्यायालय किसी को जमाना मिल गया है!


कौन उनके साथ खड़ा है

जिन पर शिक्षा का ढांचा टिका है

ना किसी ने उनके लिए आवाज उठाई

ना जानना चाहा उनके विचारों को

मैं सलाम करता हूँ समाज के सृजनहारों को!


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