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Nandita Srivastava

Abstract

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Nandita Srivastava

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शिकायतें

शिकायतें

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आओ कोशिश करे,

शिकायतों को दूर करें

हर बात का हल जमीं

पर बैठ कुछ बात करें


तुम्हारी परेशानियों का

कुछ निजात बन के

हर वक्त के गमों

बारिश में फेंक करके,

आओ......


चलो बारिश में भीग करकें

दिल दिमाग जिस्म को भीगो करकें

चलो तो एक बार हौसला लेकर

सारे उलझनों को दूर ठेल कर

आओ....


हमें मालूम है, तुम खफा हो

तुम तो पहले से ही जुदा हो

फिर किस पर खफा हो

आओ......


आओ दूर रह कर बस बात किया करें

फोन से कभी कभी बात किया करे

जब है ही जुदा तो शिकवा क्यों करें

बस एक दूसरे गम बाँट लिया करें

आओ.....।


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