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Kamini sajal Soni

Inspirational

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Kamini sajal Soni

Inspirational

शीर्षक - यादें

शीर्षक - यादें

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धोती कुर्ता पहन कर लगाकर सर पर टोपी

था व्यापार पिताजी का हीरे जवाहरात और मोती


घर आए मेहमान का स्वागत कर उनका मन हर्षाए

खातिर में कोई कमी ना हो मन ही मन अकुलाय


सभी की चिंता करते थे वो दिन हो या रात

अपने सब दुख भूलकर करते मदद बांह पसार


पिता का साया जब तक था कोई दुख ना छू पाया

उनके जाते ही इस जग में पल पल मन घबराया


यादें आती हैं हरदम जब जीवन में आते क्लेश

मिट जाते पल भर में ही गम 


जब याद आते उनके जीवन उपदेश।


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