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Pratibha Pandey

Romance

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Pratibha Pandey

Romance

शीर्षक:-महक जाए जीवन।

शीर्षक:-महक जाए जीवन।

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#गीत


महक जाए जीवन, वह चंदन बनो,

करें लोग वंदन,अभिनन्दन बनो।टेक।


शहरों ने गांव-गांव निकाला किया,

क्योंकि गांवों ने पॉव छाला किया।

सुख कैसा होता ये किसान से पूछ,

खेत नाम जीवन प्रयोगशाला किया।

उपजाऊ मिट्टी हो पीपल छाया बनो,

देश समर्पित कृषक सा कुन्दन बनो।

महक जाए जीवन, वह चंदन बनो।

करें लोग वंदन,अभिनन्दन बनो।।1।


उलझ जीवनी में ढूँढते हल मिले,

संघर्ष जो किए है सफल वे मिले।

कुछ तो विशेषण रखता खारापन,

जो सागर से जाके गंगाजल मिले।

टेढ़े-मेढ़े शाख के रसीले फल बनो,

सीधे रहकर नहीं कभी क्रंदन बनो।

महक जाए जीवन, वह चंदन बनो।

करें लोग वंदन,अभिनन्दन बनो।।2।


जीवन-दरपन में खुद को देखो तुम,

गुरू वह चुनों जिसमें हो पारस गुन।

मायूसी ना ढ़लने दो शाम की तरह,

चमक सूर्य सा जीवन गाये गा धुन।

ठहरकर न कभी शूल पथ का बनो,

भावार्थ बनकर भावना रंजन बनो ।

महक जाए जीवन, वह चंदन बनो।

करें लोग वंदन,अभिनन्दन बनो।।3।



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