STORYMIRROR

Kalpesh Vyas

Inspirational

4  

Kalpesh Vyas

Inspirational

सही नहीं है!

सही नहीं है!

1 min
410


लंबा सफर साथ में तय कर लेने के बाद

यूँ किसी का साथ छोड़ना, सही नहीं है 


बड़ी मुद्दत से पकड़ रखा था जो हाथ

अचानक वो हाथ छोड़ना, सही नहीं है


जिसने अपना दिल हथेली पर रखा हो 

उसी के दिल को यूँ तोड़ना, सही नहीं है 


जरूरत आन पड़े तब माफ़ी मांगते हुए 

यूँ फिर से हाथ जोड़ना, सही नहीं है 


सच को जानने के बावजूद झूठ की

यूँ चादर तान के ओढ़ना, सही नहीं है 


बहने दो हवा को अपनी दिशा में 

यूँ हवा के रूख को मोड़ना, सही नहीं है


मरूथल को छोड़ कर मृगजल के पीछे

यूँ तुम्हारा बेवजह दौड़ना, सही नहीं है 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational