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शहीदों का सम्मान

शहीदों का सम्मान

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बहुत सजा ली चिताऐ शही की ,

बहुत हुआ दहशतगर्दो की दहशत मे रहना,

अब खामोशी से काम नही चलेगा ,

मुंहतोड़ जवाब देने का आगाज करना होगा।


वो बुजदिल घात पे घात कर रहे है ,

हमे भी अब आघात सहना छोड़ना होगा,

खुलेआम बेच रहे है लोग अपना ईमान ,

अब तो पतन का ये सिलसिला रोकना होगा।


देश के राजनेताओं को भी आदत बदलनी होगी,

घोर निंदा,कड़ी निंदा जैसे शब्दो की वर्षा से,

जख्मों को भरने का सिलसिला रोकना होगा,

शहीदों की शहादत को सम्मान दिलाना होगा।



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