Shreshtha Sengupta
Action
शहीदों का
हमेशा करना ज़िक्र,
जितनी उन्हें थी,
शायद ही होगी
तुम्हें उतनी फिक्र।
हृदय -कमल
शहीद
उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के निमित्त होता है। उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के नि...
तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ। तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ।
मैं लोग को आदिशक्ति क्या होती है अहसास दिलाना है। मैं लोग को आदिशक्ति क्या होती है अहसास दिलाना है।
आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन बन पायेंगे। आँचल में छुपा कर घर रखा तो वीर कहाँ से आयेंगे जब मुश्किल से टकराएंगे अभिनन्दन...
क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं। क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं।
मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर
मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ। मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ।
है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को
राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी। राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी।
मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे के सर आयी, मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे क...
छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को चीरा, वीर प्रताप की ... छापली थी, मुगल छावनी, दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई । घोड़े समेत , बहलोल खाँ को च...
सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों का मतलब और मकसद ही ... सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों...
सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश
ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा, ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा,
वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी
"अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ "अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ
अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।। अब चला चली की बेला है, गुडबाय सभी को करता हूं।।
आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी। आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी।
हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे। हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे।
लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने रहा अड़ा लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने र...