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सोनी गुप्ता

Inspirational

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सोनी गुप्ता

Inspirational

शहीद सैनिक

शहीद सैनिक

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कितनी करूणा कितने संदेश,

पथ में बिछ जाते बन पराग,

जल गई चिता जिन शहीदों की ,

देश के लाल वो कहलाए हैं

जलता दीपक कहता है,

स्वयं रहकर अंधकार में,

पथ में उसने ही उजाला फैलाया है,

धन दौलत की दरकार नहीं,

उसने देश की खातिर अपना खून बहाया है,

है नमन उन वीरों को,

जिसने आसमान में तिरंगा लहराया है,

सरहद पर खड़ा सीना ताने,

वो ऊँच-ऊँचे पर्वतों से भी नहीं घबराया है,

जब रक्तपात से हो गई भूमि लाल,

उसने अपना फर्ज निभाया है,

दिया संदेश घरवालों को,

अश्रु न तुम एक बहाना,

क्योंकि आज देश मेरा सुकून से सोया है,

कुर्बान किए सपने सारे,

रिश्ते नाते सब यहीं छोड़ गए,

देश की खातिर नए जज्बे का बीज,

आज फिर से बोया है,

जब आना तुम मिलने शहीदों से,

माथे पर गर्व लिए आना ,

तुम चेहरे पर खुशी लिए आना ,

यह सब करना,

किन्तु यहाँ मत शोर मचाना,

यह है शोक-स्थान बहुत धीरे से आना।



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