Swapnil Ranjan Vaish
Inspirational
शहादत के पुष्पों को....महकाये रखना,
जिस्म के टुकड़े तिरंगा लाया, उसे संजोये रहना
बिन लड़े कायरों ने मुझे मार डाला हो...भले
मेरी संतान को बदला लेने को प्रिय..तैयार करना
क्रिकेट का बु...
मेरा मतदान मे...
मेरी बीवी
शहीद के लहू क...
बेटी जब दुल्ह...
मज़दूर
खेल शतरंज का
ओझल होता वक़्त
धुंधली यादें
माँ का आँचल
हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता। हम सबकी सुनेंगे... लेकिन हमें कोई नहीं.... कोई नहीं सुन सकता।
सांस ये जब तक बाकी है, सब कर्म रहूँ में यूँही करती। सांस ये जब तक बाकी है, सब कर्म रहूँ में यूँही करती।
क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है। क्यों डरते है इस हार से हम , ये हार असल में जीना है।
हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक। हाथ जोड़ कहते चुनाव में,माफ़ करो हुआ जो भी यहां गलती - चूक।
दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान। दुनिया में कोई भी देश, मेरे देश से नहीं है अनजान।
पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30 पूत है कुल का गौरव तो, बेटी है संसार।।30
इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार। इस श्रृंगार में चार चांँद लगाता है उद्यान सुंदरवन सदाबहार।
वो राधा है वो गीता है वो शक्ति है वो सीता है. वो राधा है वो गीता है वो शक्ति है वो सीता है.
जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।। जीवन क्या,बस साँसों का सौदा , ता-उम्र यहाँ बस भरनी किस्त ।।
नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।। नारी इस जग की जननी है वन्दन उसको हम करते हैं।।
हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान। हर चेहरे की अपनी पहचान, हर शख्स की अलग है शान।
हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं.. हाँ हम भी होली मनाते हैं.. रिश्तों को रिश्तों से मिलाते हैं..
क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी। क़िससे किसकी आजादी, किसको दिखती है आजादी।
पुनर्जन्म से पहले आत्मा करती है थोड़ा आराम! पुनर्जन्म से पहले आत्मा करती है थोड़ा आराम!
नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन। नव यौवना प्रकृति चंचला, महके तन पे इत्र चंदन।
इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है। इस धरती को नमन मैं करता हूँ, जिस पर गंगा बहती है।
नमन तुम्हे है हे! माता, मै शत शत बार प्रणाम करूॅ॑। शब्द नहीं मेरे मन मंदिर में। नमन तुम्हे है हे! माता, मै शत शत बार प्रणाम करूॅ॑। शब्द नहीं मेरे मन मंदिर मे...
सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र हमारा हैI सबसे अलग और सबसे अनोखा ये संविधान हमारा है, ये संकल्प हमारा है, ये गणतंत्र ह...
नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो. नव स्फूर्ति के साथ नवाचार हो नये वर्ष में हर्ष का विस्तार हो.
रेत के समान है वक्त बंद मुट्ठी से भी फिसल जाता है, जो वक्त के साथ चले वक्त उसी के साथ। रेत के समान है वक्त बंद मुट्ठी से भी फिसल जाता है, जो वक्त के साथ चले वक्त उस...