Lata Khare
Drama
कितने कम
होते हैं
शब्द
दस
हो गये
अब बस।
खतों का वो जम...
कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं। कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं।
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है। न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है।
एक वृक्षात्मा...। एक वृक्षात्मा...।
दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...। दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...।
मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना ! मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना !
पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ। पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ।
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और व... "मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मै...
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of...
रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक घर कमा के ही लौटना!... रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक...
किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा। किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा।
अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से. अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से.
इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है
ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म नहीं पूछा मज़ारों में... ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म ...
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है, इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है,
तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...! तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...!
मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...! मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...!
बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्तेदारियां बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्त...
मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे। मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे।