STORYMIRROR

pooja nathawat

Romance

2  

pooja nathawat

Romance

शायरी

शायरी

1 min
266

तेरी नज़रों के हमने रंग बदलते देखें है ,

कभी इश्क में डूबे कभी नफरतों में जलते देखें है

न जाने कब वो नक़ाब गिर गया जो इश्क की कसमें खाता था   

अरे हजूर हमने सुर्ख रंगों की चादरों के कफ़न बनते देखें है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance