STORYMIRROR

शायरी

शायरी

1 min
660


क्या अजीब था उनका,

मुझे छोड़ के जाना,

सुना कुछ नहीं और,

कहा भी कुछ नहीं।


कुछ इस तरह बर्बाद,

हुए उनकी मोहब्बत में,

लुटा भी कुछ नहीं,

और बचा भी कुछ नहीं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama