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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

“ शाश्वत मित्रता “

“ शाश्वत मित्रता “

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होश नहीं किसी को हैं यहाँ पर ,किसी को किसी की परवाह नहीं !

सब कोई अपनी धुन पर नाचे ,किसी को किसी से चाह नहीं !!


मेरे तो फेसबुक के पन्नों में ,हजार हस्तियाँ यूँ जुड़ने लगीं !

पक्षियों ने अपने पंख फैलाए ,दसों दिशाओं में यूँ उड़ने लगीं !!


जिसे मैं जानता हूँ पहले से ,उन्हीं से खुलके बातें होती हैं !

मेरी हर बातों को समझ कर ,उनकी तब प्रतिक्रिया बनती हैं !!


अब मित्र बनना आसान हुआ ,पर शीशे की तरह ये होते हैं !

मतभेदों से ही धूमिल होता है ,गिरकर चकनाचूर हो जाते हैं !!


जो संवादों से दूर ही रहता है ,जो प्रतिक्रिया से कतराता है !

जो परिभाषा ना समझा सका ,वो शाश्वत नहीं रह पाता है !!



साहित्याला गुण द्या
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