STORYMIRROR

Ratna Kaul Bhardwaj

Inspirational

4  

Ratna Kaul Bhardwaj

Inspirational

दिल का नक्शा

दिल का नक्शा

1 min
357


कौन कहता है कि उम्र गुज़र चुकी

अरे हम तो  दिल से जवान हैं अभी

चाहत जीने की है जिंदा अभी तक 

दिल में छुपे हैं अरमान  अभी भी


बहुत कोशिश की कि भूल जाऊं

हुस्न ओ नूर उसके रुखसार का

पर दिल में अरमान जिंदा है और

बेइंतेहा इंतजार उसके दीदार का


शिकायतों का पलड़ा भारी हुआ तो

बहा आए वह झोला आज समंदर में

दिल की किताब के अब सफहे पलटे

न पूछो कितना सुकून अब अंदर है


मोहब्बत में नफरत की गुंजाइश

क्या शिद्दत की यह तौहीन नहीं

गले लगकर गर शिकायत करें

है क्या जिंदगी इससे हसीन कहीं


अब बस मलाल नहीं है किसी से

दूरियों में भी एक अलग नशा है

अब मुस्कुराने में कोई बनावट नहीं

खाली पड़ा अब दिल का नक्शा है......




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational