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Krishna singh Rajput sanawad

Abstract

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Krishna singh Rajput sanawad

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सच्चा हकदार

सच्चा हकदार

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सबको कर लेता है काबू

जिसकी जबान में अपनी प्यार होता है

सिर्फ पैसों से नहीं होता सब कुछ

अक्सर वाहवाही उसी की होती है

साफ जिसका व्यवहार होता है


सबको कर लेता है काबू जबान

में जिसके प्यार होता है

चाहती है दुनिया भी उसे हर महफ़िल में

उसी का इंतजार और इजहार होता है


सबको कर लेता है काबू में वह

जिसकी जबान में प्यार होता है

मिलती है सफलता रिश्तों में उसे क्योंकि

वही इसका सच्चा हकदार होता है


अक्सर सबको कर लेता है काबू

जिसकी जबान में प्यार होता है।


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