लापरवाह
लापरवाह
1 min
184
सबको अपनी पड़ी है,
इसी कारण देश में फैली लाचारी है..
मेहनत का काम कोई करना ही नहीं चाहता और कहते हैं..
साहब देश में बहुत बेरोजगारी है
हमेशा से पहुंचाया ही नुकसान इसको,
याद है देश के लिए हमारी कितने जिम्मेदारी व कितने इसमें भागीदारी है..
बस हर वक्त कहते रहते हैं..
साहब देश में बहुत बेरोजगारी है
बहाने बनाकर काम ना करना यह देश को देना धोखा और खुद के साथ की हुई सबसे बड़ी गद्दारी है बस हर वक्त कहते हैं
साहब महोदय बेरोजगारी है..
