STORYMIRROR

Pradeepti Sharma

Abstract Inspirational Others

3  

Pradeepti Sharma

Abstract Inspirational Others

सच

सच

1 min
251

तुम्हारा सच, मेरा सच,

इसका सच, उसका सच,

आज का सच, कल का सच,

बड़ा सच, छोटा सच,

चुभता सच, सहलाता सच,

खामोश सच, चिल्लाता सच,

ऐसा सच, वैसा सच,

ना जाने कैसा कैसा सच,

सच के इसी वर्गीकरण में,

इनसान की उम्र बीत जाती है,

मगर,

फिर भी सच का पता नहीं चल पाता



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract