STORYMIRROR

Phool Singh

Action Inspirational Children

4  

Phool Singh

Action Inspirational Children

सच

सच

1 min
264

खामोश दुनियाँ है 

पर दिल में शोर है 

कल तल्क थे सब कुछ हम 

लेकिन आज कुछ और है 

कड़वा सही पर सच तो है  


स्वार्थ में भरा तेरा रिश्ता है 

झूठी हमदर्दी दिखाने वाले क्या  

ये तेरा नया खेल है 

रूबरू करा दे जो जिंदगी से 

उसकी बातों मे ज़ोर है 


कल तल्क जिसकों अपना कहते 

वो निकला कोई और है 

सच, आसानी से टिक ना पता 

पर झूठ में बहुत ही ज़ोर है 

लगाव दिखाते जाने कितने 

सच्चा हितेसी कोई और है


बिन किए सब आदर पाते 

निक्कमों का ही दौर है 

ईमानदार खड़ा रहे देखता 

मलाई खाता वो जिसके मन में चोर है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action