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Gulshan Sharma

Abstract

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Gulshan Sharma

Abstract

सच कहो

सच कहो

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किसी को हज़म नहीं है

ख़िलाफ़त खुद की,

मैं जो सच कहूँ,

तो ज़ोर से कहते हैं,

सच कहो,


कहते हैं, सच कहो,

झूठ को सच कहो,

मेरे झूठ को सच कहो,

मेरी हामी,

मेरी अनुमत से,

आज़ादी से सच कहो,


मेरी नफ़रत को,

मेरी चाहत को,

मेरे विचारों को,

सच कहो,


रोका है किसने तुम्हें,

तुम सच कहो,

मेरे मतलब को,

मेरे आंसू को,

मेरे गुनाहों को,

सच कहो,


झूठ को सच कहो,

मुझे सच कहो।


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