Amrita Rai
Romance
सच कहना
दिल से कहना
झूठ कुछ ना कहना
चाहते क्या हो ये बताना
राज दिल का हमसे ना छिपाना
ये है क्या टाइम पास
या सच्चा आशिकाना।
पल दो पल का य...
हमारे नैन
गुजारिश है तु...
लिखते हैं दर्...
हर रोज इरादा ...
अच्छा लगने लग...
लिखते लिखते र...
खुद को संभाल ...
क्यों नहीं बत...
हर अदा तुम्हा...
रोज की चाय की तरह, मेरे साथ ही बने रहना। रोज की चाय की तरह, मेरे साथ ही बने रहना।
होंठों के हिलने को निहारा करके मैं, तेरी पलकों का जमके दीदार करूँ !! होंठों के हिलने को निहारा करके मैं, तेरी पलकों का जमके दीदार करूँ !!
साथ तेरा हो हाथ तेरा हो , जीवन से कोई ग़िला नहीं । साथ तेरा हो हाथ तेरा हो , जीवन से कोई ग़िला नहीं ।
मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे
नशे में मैं भी हूँ, और तुम भी हो, और है ये दुनिया भी न क्यों मयखाना कहलाए, अभी से अब य नशे में मैं भी हूँ, और तुम भी हो, और है ये दुनिया भी न क्यों मयखाना कहलाए, अभ...
बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की तरह। बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की ...
गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था। गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था।
जानता हूँ मैं आभास भी होता है तेरे महकने के पीछे तेरी आनंदित खुशबू के पीछे जानता हूँ मैं आभास भी होता है तेरे महकने के पीछे तेरी आनंदित खुशबू के प...
प्रेम को परिभाषित करती है तुम्हारी ऊँगली यूँ न घुमाओ पीठ पर. प्रेम को परिभाषित करती है तुम्हारी ऊँगली यूँ न घुमाओ पीठ पर.
राहे जुदा होने के बाद भी तुझे यूं मुड़ के देखना। राहे जुदा होने के बाद भी तुझे यूं मुड़ के देखना।
हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ? हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ?
सुन मेरे चांद आज इंतज़ार ना करा, मेरे महबूब की खातिर आज आसमान में जल्दी आजा. सुन मेरे चांद आज इंतज़ार ना करा, मेरे महबूब की खातिर आज आसमान में जल्दी आजा.
वो तो हमारी हर चिट्ठी को बस काग़ज़ समझते थे। वो तो हमारी हर चिट्ठी को बस काग़ज़ समझते थे।
ये तो फूल हैं जो भगवान के शीश पर चढ़कर जरा भी ना इतराते हैं । ये तो फूल हैं जो भगवान के शीश पर चढ़कर जरा भी ना इतराते हैं ।
बादल-पृथ्वी-रवी का मेल बतलाता इसकी गहराई हैं ! बादल-पृथ्वी-रवी का मेल बतलाता इसकी गहराई हैं !
जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो. जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो.
अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी। अब रेडियो सी बजने वाली वह गुड़िया ताउम्र को खामोश हो गई थी।
तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो. तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो.
वसीयत जब पढ़ी जाएगी, तो तुम्हारे हिस्से आएंगी मेरी सारी प्रेम रचनाएं! वसीयत जब पढ़ी जाएगी, तो तुम्हारे हिस्से आएंगी मेरी सारी प्रेम रचनाएं!
हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां दिल लगते। हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां द...