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लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

Abstract

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लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

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सच का निर्णय

सच का निर्णय

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बहुत कठिन होता जीवन में,

सच्चाई के राह पर चलना।

उससे भी मुश्किल होता है,

बुरी आदत को हमें बदलना।


बुराई के दल-दल में जब फंस जाते,

मुश्किल होता है हमें संभलना।

चहुँओर अराजकता हिंसा फैली हो,

हमें घर से न चाहिए निकलना।


सच के निर्णय लेने से जीवन में,

जीवन में निश्चित फूल है खिलना।

झूठ के बल पर जब हम चलते,

तो जीवन में दुःख का है मिलना।


झूठ, फ़रेब, कपट से जीवन,

ज़्यादा दिन न है चलना।

हिम्मत कर हम सच पर चल दें,

निश्चय है जीवन निखरना।


धन दौलत व आडम्बर से,

अधिक समय हमें न चमकना।

सत्पथ, सद्कर्म व अपनों से प्रीत,

निश्चय है जीवन में कीर्ति फहरना।


सुनने पर कभी विश्वास न करना,

अपनों के नज़रों में कभी न गिरना।

सबसे मुश्किल सच का निर्णय लेना,

मनोबल से संभव होता कर गुजरना।


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