सच हुआ सुबह का सपना
सच हुआ सुबह का सपना
कोविड-19 जमाना था
लॉकडाउन नंबर 5 चल रहा था।
इंटरनेशनल फ्लाइट को छूट मिल गई थी।
मुझे आश्चर्यचकित करने देश विदेश से मेरी दोनों बेटियां आ गई थी।
उनसे बहुत लड़कर उनको गले से लगा लिया क्योंकि मां-बाप का डर भी होता है और प्रेम भी होता है ।
डर यह था कहीं कोविड ना हो जाए।
हमने कहा तुम बिना सूचना आ गए हमसे पूछते तो हम मना कर देते वह बोलते हैं हंसते हुए ।
हमने इसीलिए तो पूछा ही नहीं आपको देखना जरूरी था इसीलिए आ गए।
आप से मिलने का मन बहुत था इसीलिए आ गए।
अभी है मां-बाप का मन होता है जब दो आ गए हैं तो तीसरा भी आ जाए।
तो अच्छा है मन में छिपी हूई आशा यह रहती है।
मगर उस पर डर भी हावी रहता था इसीलिए कुछ बोल नहीं पाते।
उस दिन सुबह सुबह में सपना आया कि मैं तीनों बच्चों के साथ में और नाती नातिन के साथ बैठकर बातें कर रही हूं ,और रसोई में चाय और साबूदाने की सेव कर कर खा रही हूं।
अचानक ही मेरी आंख खुल गई घड़ी देखी सुबह के 6:00 बजे थे उठकर रसोई में गई।
मन में यह मना लिया था कि हर्ष तो नहीं आने वाला है ।
इन लोगों के साथ ही समय बिताना है।
मैंने कढ़ाई रखी सेव तली बच्चों को जो बहुत पसंद है चाय बना कर जग में लिया इतने में ही घंटी बजी मैंने सोचा सुबह-सुबह कौन आ गया जाकर दरवाजा खोला सामने हर्ष अपने बैग के साथ खड़ा था मेरा सुबह का सपना सच हो गया था दिल खुशी से झूम उठा था उसका वह अचानक आकर आश्चर्यचकित कर देना मन को बहुत सुकून दे गया ऊपर ऊपर से थोड़ी डांट भी लगाई कि तू क्यों आया है मेरे से पूछ लेता मैं मना कर देती क्या जरूरत थी आने की मां का दिल है थोड़ा डर तो लगेगा ही।
उसका भी जवाब यही था आपसे पूछते तो आप मना कर देते लंदन की फ्लाइट चालू हुई इसीलिए मैं रवाना होकर आ गया आपसे मिलना और देखना बहुत जरूरी था हम तीनो भाई बहनों ने यह प्रोग्राम बनाया था कि पहुंचकर आपको हम आश्चर्यचकित कर देंगे। थोड़े दिन तो थोड़े दिन साथ में सब रह लेंगे।
थोड़ी मौज मना लेंगे।
कुछ अपना बचपन की शैतानियां याद कर लेंगे।
साथ बिताया समय याद कर लेंगे।
आपके हाथ का बना खाना हम खाएंगे।
हमेशा उसको याद करते रहते हैं उसकी यादें संजो कर ले जाएंगे।
रिचार्ज होकर वापस अपने अपने घर को प्रस्थान कर जाएंगे।
साथ बिताए समय को हम हमेशा यादों मैं संजोग कर रख जाएंगे ।
मेरे तो सुबह-सुबह के देखे हुए बहुत से सपने पूरे हुए।
हमारा अवचेतन मन वही देखता है जो हम सोचते हैं। वही सपने में आता है।
जो कभी-कभी पूरा भी हो जाता है।
