STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

2  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

सब्र

सब्र

1 min
177

सब्र करता चल

एक दिन तो तुझे,

मिलेगा फल

आसां नहीं है

मंज़िल को पाना,

मीठा झरना

बहाने के लिए,


खोना पड़ता

पत्थर को भी बल,

जीतना ज्यादा

तू सहेगा ना,

उतना मजबूत

होगा तेरा वक्षस्थल

दिल से विजय


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational