STORYMIRROR

Nitu Arora

Abstract

3  

Nitu Arora

Abstract

सब भारतीय

सब भारतीय

1 min
398

कोई कहे वह हिन्दू है

कोई कहे वह मुस्लिम

कोई कहे वह ईसाई है

कोई कहे वो सिख।


देखा जाए तो हैं सब इंसान

फिर कैसा ये भेद भाव हैं

दो आंखें दो टांगें

दो हैं सब के कान

खान-पान हैं अलग अलग

पर खाते सब अनाज है।


चाहे हाथी हो या शेर

हो घोड़ा या गाय

कहलाते सब जानवर है।


वैसे ही जो रहता है

भारत में

वो सब भारतीय है।


नमक हल्दी जीरा मिर्च 

मसाले तरह तरह के

सब से सब्ज़ी बनती एक है।


हिन्दू, मुस्लिम 

सिख, ईसाई 

धर्म तरह-तरह के

सबसे भारत बनता एक है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract