सौगात
सौगात
जिन्दगी सौगात है तू मान ले
मत गंवा तू यूं इसे पहचान ले
वक्त की आंधी में ही खो जायेगा
कौन है और क्यों है तू ये जान ले।।
जिस तरफ तुम हो खड़े मंजिल नहीं
यूं किनारा मिल सके मुमकिन नहीं
क्या वजह तुम इस कदर हो बेखबर
बहुत कुछ बाकी अभी तो ये ठान ले।।
जो सहारा औरों के दे वो तुम बनो
बेवजह मुश्किल किसी की ना बनो
जिन उम्मीदों पर खड़े हो आज तक
गर्दिशों की ही खाक चाहे छान लें ।।
फितरत बना एसी तू कुछ सोचकर
कुछ आश औरों की भी तू होशकर
चिलमन बसाना है अभी उम्मीदों का
ले हाथ वीणा कमल स्वर ये तान ले।।
