Shailaja Bhattad
Classics
अकेलेपन के
इतने
आदी भी
न हो जाओ कि,
किसी का साथ भी
साथ ना लगे।
सबकी होली
जयश्री राम
ओम नमः शिवाय
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
राम- भरत
श्री राम- भरत
हिन्दी नारे
श्रीराम
बच्चे तो सभी पैदा करते हैं और सन्तुष्टि तो अपने बच्चों से ही होती है। बच्चे तो सभी पैदा करते हैं और सन्तुष्टि तो अपने बच्चों से ही होती है।
तजुर्बा तो आ जाता है समय के साथ कर्म करते करते खुद-ब-खुद।। तजुर्बा तो आ जाता है समय के साथ कर्म करते करते खुद-ब-खुद।।
मैं मुझे हाथ पकड़ के बाहर खींच लाती है, हां "एक लड़की है" जो मुझे खुद से ज्यादा चाहती मैं मुझे हाथ पकड़ के बाहर खींच लाती है, हां "एक लड़की है" जो मुझे खुद से ज्य...
क्योंकि तुम ही तो हो मेरी जीने की एक वजह। क्योंकि तुम ही तो हो मेरी जीने की एक वजह।
जब भी संकट आये,हम सब मिलकर ढाल बने। जब भी संकट आये,हम सब मिलकर ढाल बने।
संघ के पथ पर चलने कबसे उत्सुक थी। संघ के पथ पर चलने कबसे उत्सुक थी।
फूलों का साथ कब का छोड़ चुकी मालूम पड़ता है ! फूलों का साथ कब का छोड़ चुकी मालूम पड़ता है !
कागज़ की कश्तियाँ थी जहाँ जहाँ प्रकाश भी मिट्टी वाला था। कागज़ की कश्तियाँ थी जहाँ जहाँ प्रकाश भी मिट्टी वाला था।
सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्योपासना की पहचान कराई, रवि की बहन छठी मैया की महिमा समझायी।। प्रकृतिदेवी ... सूर्यपुत्र कर्ण ने सूर्योपासना की पहचान कराई, रवि की बहन छठी मैया की महिमा समझा...
दम तोड़ने से पहले दीया, फड़फड़ाता जा रहा है ! दम तोड़ने से पहले दीया, फड़फड़ाता जा रहा है !
धान पान ह सबके घर आगे जतनागे, पुसपुन्नी आगे, चल संगी छेरछेरा मांगे। धान पान ह सबके घर आगे जतनागे, पुसपुन्नी आगे, चल संगी छेरछेरा मांगे।
शीघ्र हृदय से पढ़ ले तू समुद्र से मेरी चाहत। शीघ्र हृदय से पढ़ ले तू समुद्र से मेरी चाहत।
तकदीर खुदा भगवान् से मिल जाने की आशिकी का जूनून होता। तकदीर खुदा भगवान् से मिल जाने की आशिकी का जूनून होता।
चलते रहो। चलते रहो।
वक़्त का सितम तुमने नहीं देखा है आयेगा जो, बोलोगे गजब हो ! वक़्त का सितम तुमने नहीं देखा है आयेगा जो, बोलोगे गजब हो !
क्या कभी तुमनें धरती को रोते हुए अम्बर के लिए देखा है। क्या कभी तुमनें धरती को रोते हुए अम्बर के लिए देखा है।
वो वीर जवान भारत में रहने वाला भारत मां का बेटा था। वो वीर जवान भारत में रहने वाला भारत मां का बेटा था।
फिर भी घर की प्यारी गुड़िया तुम फिर भी घर की प्यारी गुड़िया तुम। फिर भी घर की प्यारी गुड़िया तुम फिर भी घर की प्यारी गुड़िया तुम।
इस इश्क़ ने जैसे हमें कोई मुजरिम बना रखा है ! इस इश्क़ ने जैसे हमें कोई मुजरिम बना रखा है !
रावण परम ज्ञानी था पर अभिमानी था। रावण परम ज्ञानी था पर अभिमानी था।