STORYMIRROR

Megha Acharya

Romance

2  

Megha Acharya

Romance

साथ तेरा...

साथ तेरा...

1 min
120

ज़िंदगी कुछ और होती

अगर साथ तेरा होता,

ना ये मायूसी होती,ना ये गम होता

सब कुछ होते हुए भी जो कमी है मुझमें,

शायद वो कमी का एहसास ना होता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Megha Acharya

Similar hindi poem from Romance