STORYMIRROR

Tisha Agarwal

Romance

3  

Tisha Agarwal

Romance

साथ दूंगी तेरा

साथ दूंगी तेरा

1 min
451

रुठे से आसमान में,

पंखों की उड़ान में,

साथ दूंगी तेरा।

वादों में इरादों में,

वादों में इरादों में,

बिखरे हुए इन जज्बातों में,

मुसीबतों बाग में,

हर फिक्र सब दुआ में,

साथ दूंगी तेरा,

साथ दूंगी तेरा,

साथ दूंगी तेरा।।


कहानी के किस्सों में, दुख के हिस्सों में,

नींदों के ख्वाब में, तारे सवाब में,

साथ दूंगी तेरा।

ख्वाहिशों के मकान में,

ख्वाहिशों के मकान में, अली के अज़ान में,

हर धूप, हर छांव में,

सब मुश्किल पड़ाव में,

साथ दूंगी तेरा,

साथ दूंगी तेरा,

साथ दूंगी तेरा।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance