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Bhoop Singh Bharti

Inspirational

4  

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

साक्षरता गीत

साक्षरता गीत

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बेटी:-

मेरो लिखवा दे नाम पिता, या कहैरी बेटी थारी।

पिता:-

के काढैगी पढ़-लिखकै, तू थाम ले झाड़ू-बुहारी।।


बेटी :-

कमला, बिमला स्कूल म्ह चाली, मेरो भी दे नाम लिखा।

पढ़-लिखकै विद्वान बणुूं, हो जग म्ह तेरो नाम पिता।

विद्या का प्रचार करूँ मैं, हो सारै चर्चा थारी.......(1)


पिता :-

छोड़ स्कूल का ख्याल बावली, ले ले हाथ दराती।

धन होज्यागा दुगणा अपणा, जै खेत म्ह साथ कमाती।

जमीदार तै ब्याह कर दयू, तो मिट ज्या दुविधा सारी.........(2)


बेटी :-

इंदरा सी मैं बणु साहसी, लक्ष्मी सी बलिदानी।

सीम पै जाकै लड़ूू लड़ाई, बण सच्ची हिंदुस्तानी।

देश को माथो ऊँचो करणे की, इब सै मेरी बारी.......(3)


पिता :-

ठाले बस्ता पट्टी बेटी, इब क्यूँ ला री देरी।

कहै 'भारती' बेटी नै लोगों, आँख खोल दी मेरी।

अनपढ़ का ना रह्या जमाना, या जाणै दुनिया सारी........(4)


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