STORYMIRROR

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

4  

Bhoop Singh Bharti

Inspirational

साक्षरता गीत

साक्षरता गीत

1 min
271

बेटी:-

मेरो लिखवा दे नाम पिता, या कहैरी बेटी थारी।

पिता:-

के काढैगी पढ़-लिखकै, तू थाम ले झाड़ू-बुहारी।।


बेटी :-

कमला, बिमला स्कूल म्ह चाली, मेरो भी दे नाम लिखा।

पढ़-लिखकै विद्वान बणुूं, हो जग म्ह तेरो नाम पिता।

विद्या का प्रचार करूँ मैं, हो सारै चर्चा थारी.......(1)


पिता :-

छोड़ स्कूल का ख्याल बावली, ले ले हाथ दराती।

धन होज्यागा दुगणा अपणा, जै खेत म्ह साथ कमाती।

जमीदार तै ब्याह कर दयू, तो मिट ज्या दुविधा सारी.........(2)


बेटी :-

इंदरा सी मैं बणु साहसी, लक्ष्मी सी बलिदानी।

सीम पै जाकै लड़ूू लड़ाई, बण सच्ची हिंदुस्तानी।

देश को माथो ऊँचो करणे की, इब सै मेरी बारी.......(3)


पिता :-

ठाले बस्ता पट्टी बेटी, इब क्यूँ ला री देरी।

कहै 'भारती' बेटी नै लोगों, आँख खोल दी मेरी।

अनपढ़ का ना रह्या जमाना, या जाणै दुनिया सारी........(4)


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational