STORYMIRROR

Maitry Bhandari

Inspirational

2  

Maitry Bhandari

Inspirational

रूक जाना नहीं

रूक जाना नहीं

1 min
122

हर बार अच्छे नंबरो से पास होता था,

इस बार मैं नही हो सका,

क्या मैं ही नही महेनत कर पाया!

क्या मैं ही बेकार हूॅ!

कई सवालो से घिरा हूॅ।

डर है की लोग क्या कहेगे?

वह मुझ पे हंसेगे।

क्या करूं अपनी जिंदगी यहीं पे खत्म कर दूं,हां यही ठीकक रहेगा,

लेकिन तभी मेरे अंदर से एक आवाज उठी,

अरे तू गिरा ही तो है,फिर से उठ ओर करके दिखा।

अरे तू हारेगा तब जब तु महेनत कर ना छोड देगा

तुने प्रयत्न तो किया एक और बार कर ले।


तू सफल होगा यकीन मान,तू कभी रूकना मत

बस बढता जा ,तू सफल होगा।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational