STORYMIRROR

Chandrakala Bhartiya

Abstract

4  

Chandrakala Bhartiya

Abstract

रंगों का त्यौहार होली

रंगों का त्यौहार होली

1 min
342


इंद्रधनुष के रंगों सम्

सप्त रंगों से भीगा भीगा, 

रंगों का त्योहार होली।।


बैर भाव, नफरत मिटाता, 

दुश्मन को भी गले लगाता, 

दिल से दिल का मेल कराता, 

रंगों का त्योहार होली।।


आओ! शुद्ध भाव से होली मनाएं ।

तज दे दूजो संग बुरा भाव, 

प्रीत का रंग बिखराते जाएं, 

गैरों को अपना बनाते जाएं, 

स्नेह, प्यार का रंग एक दूजे को लगाएं।

नए नए दोस्त बनाएं, 

रंगों का त्योहार होली।।


गुझियों की मिठास लेकर आई होली, 

खाएं, खिलाए मौज मनाएं,

 बाकी सारा भूल जाएं, 

मिलने- मिलाने का त्यौहार होली, 

प्यार भरा, मनुहार भरा, 

खुशियों का पैगाम लाई।

आई होली, आई होली, 

रंगों का त्योहार होली।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract