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Minati Rath

Abstract

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Minati Rath

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छोटी सी यह ज़िंदगी

छोटी सी यह ज़िंदगी

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छोटी सी यह ज़िंदगी में

 है हजारों ख्वाहिश

कुछ होनी कुछ अनहोनी 

 जैसे सपनों की बारिश


हर एक पल में रहती है

एक मंजिल की तलाश

पूरे हो जाए एक तो

जागे एक नई आस


छोटी छोटी खुशियां भी

बन जाती हैं कुछ खास

हर एक मंजिल ढूंढ लाती है 

एक नया विश्वास


छोटी सी यह ज़िंदगी में

हैं हजारों ख्वाहिश

कुछ पूरे कुछ अधूरे पर

रहते हैं दिल के पास।


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