STORYMIRROR

अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract Romance

3  

अंजनी कुमार शर्मा 'अंकित'

Abstract Romance

रखा रह गया प्यार जरा सा

रखा रह गया प्यार जरा सा

1 min
183

रखा रह गया प्यार ज़रा सा,

प्रेम का उपहार ज़रा सा।


यह प्रेम का रिश्ता न टूटे ,

सही करो किरदार ज़रा सा।


पल-पल तुझको याद करूँ मैं,

तुम भी करो मुझे याद ज़रा सा।


कई दिनों से देख रहा हूँ,

बदला है व्यवहार ज़रा सा।


तड़प-तड़पकर मर न जाऊँ,

मिल लो तुम इक बार ज़रा सा।


तुम मेरे ख्वाबों की मलिका,

कुछ तो समझो यार ज़रा सा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract