रजनी में सजनी
रजनी में सजनी
साजन संग सजनी रजनी में
आनंद भर अपनी अंजलि में
तंग क्षण को काटने में लगी हैं
साजन संग में संगीत सुन रही है।
आंगन में रंग रंगोली के रंगबिरंगे
मन में मिलन की जागी हुई उमंगे
सुनना है कुछ और कुछ कहना है
बिना कहे सुनें सब कुछ समझना है।
राजन मेरे मैं आप की रानी
संग में हमारे रात है ये चॉंदनी
अब सर्दी मिटाने को चाहिए अग्नि
ये रात चॉंदनी देखो अब बने अंधेरी।
कोई जन नहीं यहां है
साजन सिर्फ मेरे यहां हैं
चांद तुम ना आना यहां सताने
यहां है ना बहुत तेरे चमकते सितारे।
मिलन की चाहत में साजन सजनी
भागमभाग से एड़िया पैरों की फटी
बहुत मुश्किल से मुलाकातें साकार हुईं
आसनी से मिलन हो जाना भी भला बात हुई।
कर भला तो भी भला' जब नहीं होता है
कहने को तो कोई बात नहीं' कहता है
जब कुछ कहना अगर जरूरी होता है
तब बस बहूत खूब' कहना होता है।
तरस तरस के पर्स के पैसों को बचाकर
तरह तरह के खर्च से खुद को बचाकर
बहुत कुछ जोडा हुआ मिट्टी में मिलता है
बिना बारिश के कोई पुष्प कहां खिलता है।
साजन सजनी और आंगन में घने वृक्ष
देखो फिर भी चांद की चांदनी आ धमकी है
गम में संग से संगम हुआ संग मर मर कर अधमरा
जी भर के निहारना है पर अंखिया अश्रु जल से भर गयी।

