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Supriya Devkar

Abstract

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Supriya Devkar

Abstract

रिश्ते बनते है

रिश्ते बनते है

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जब बात मिठी हो 

तो रिश्ते बनते है

जब बात अच्छी लगे 

तो रिश्ते बनते हैं।


जब बात सुनते हैं

तो रिश्ते बनते हैं 

जब बात दिल मे रहे 

तो रिश्ते बनते हैं।

 

जब बात समझ आये 

तो रिश्ते बनते हैं 

जब बात पे अंमल हो

तो रिश्ते बनते हैं।

  

जब बात प्यारी लगे 

तो रिश्ते बनते हैं 

जब बात करने का मन हो

तो रिश्ते बनते हैं।


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