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Manu Sweta

Romance

4  

Manu Sweta

Romance

रात भर

रात भर

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रात भर खामोश रही तेरी यादें,

दिल को बहलाती रही तेरी बातें।


हर बार तुम कर लेते हो किनारा मुझसे

करवट बदलकर बितायी ये रातें।

ओस की बूंदों सा है तेरा प्यार

हल्की सी गर्मी से पिघल जाते है


कुछ तन्हा बीत गयी ये ज़िन्दगी

अब तेरी यादों में गुज़रती ये रातें

हल्की सी सरसराहट हुई थी कहीं

बड़ी डर डर के गुज़ारी ये रातें।


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