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AVINASH KUMAR

Romance Tragedy

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AVINASH KUMAR

Romance Tragedy

रात और दिन का फासला हूँ मैं

रात और दिन का फासला हूँ मैं

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रात और दिन का फासला हूँ मैं

ख़ुद से कब से नहीं मिला हूँ मैं


ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में, पर

लोग कहते हैं काफिला हूँ मैं


ऐ मुहब्बत ! तेरी अदालत में

एक शिकवा हूँ, एक गिला हूँ मैं


मिलते रहिए, कि मिलते रहने से

मिलते रहने का सिलसिला हूँ मैं।


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