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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

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SURYAKANT MAJALKAR

Romance

प्यास..पास

प्यास..पास

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प्यास होगी नहीं क्या ये पूरी,

तुमसे मिलने की इच्छा अधूरी,

किस्मत में कहाँ चाँद लिखा है,

राह चलते टूटा आईना मिला है,

यहीं अब हमारी जिंदगी बनी है,

यहीं गुलबदन, गुलनार से धनी है,

मगर तुमसे मिलन की आस है,

आज भी दिल तुम्हारे पास है।


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