प्यारभरी उड़ान
प्यारभरी उड़ान
प्यार का धागा बांधकर मै,
प्यार की पतंग उडाता हूं,
प्यार का ठुमका लगाकर मै,
प्यारभरे गगनमें लहेराता हूं।
खूबसूरत पतंग को देखकर मै,
धीरे धीरे धागे को सरकातां हूं,
नफ़रत की उड़ान दूर करके मै,
मेरे पतंग से मिलन करातां हूं।
उपर नीचे पतंग को घुमाकर मै,
उससे प्यार की लडाई करतां हूं,
उसको मेरे धागेमें लिपटाकर मै,
उसको प्यारमें मदहौंश बनाता हूं।
उसको मनाकर नीचे उताकर मैं,
मेरे प्यारकी मल्लिका बनाता हूं,
प्यार का रिश्ता जोडकर "मुरली",
उसको प्यारसे दिलमें समाता हूं।
