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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

प्यारा भारत देश

प्यारा भारत देश

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दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल खिले है हज़ार

इनमें सबसे ज़्यादा करते है भारत को प्यार

यहाँ पर जिधर देखो उधर प्यार ही है प्यार

ना नफ़रत किसी से,ना द्वेष किसी से

सब एक दूजे का करते है आदर औऱ सत्कार

वर्तमान मे जहाँ पर सब खुद के लिए जीते है,

यहाँ मरने पर भी मनाते है श्राद्ध का त्योहार

दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल खिले है हज़ार

इनमें सबसे ज़्यादा करते है भारत को प्यार

यंहा की संस्कृति बहुत ही अलबेली है,

अनेक बोलियाँ ,विविध पहनावे व अनेक धर्म है

फ़िर भी इसकी माटी में बहती है एक ही लार

सब आपस में यहाँ मिल जुलकर रहते है

दिल से सबको यहाँ अपना माना करते है

सब ही करते है यहाँ प्रेम का ही व्यापार

दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल खिले है हज़ार

इनमें सबसे ज्यादा करते है भारत को प्यार

यंहा के सिपाही वीरता की है,अद्भुत मिशाल

देश के लिये साँसो का भी चढ़ा देते है हार

मुझे गर्व है,मैंने इस पुण्यधरा पर जन्म लिया है

ख़ुदा से बस हररोज यही दुआ करता हूँ कि,

मेरा हर जन्म ही हो भारत माँ पर निसार

दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल खिले है हज़ार

इनमें सबसे ज्यादा करते है भारत को प्यार



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