STORYMIRROR

Dilip Maurya

Romance

3  

Dilip Maurya

Romance

प्यार.....!!!

प्यार.....!!!

1 min
333

प्यार!!!!!

अधूरी नींदे

वो पूरी रातें

कुछ सपने

सुनहरी यादें

मखमली शामें

मिश्री सी बातें

बरसात के मौसम

काली घटाओ का आना

फिर तेरा जाना

बेचैन हर दिन

वो तुम्हारे बिन

कैसे हो इनसे इनकार

यही तो है

प्यार ।।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance