STORYMIRROR

Mousmi Bishnu

Romance

3  

Mousmi Bishnu

Romance

प्यार

प्यार

1 min
310

वो बात ही और थी पहले पहले प्यार की

उसी के नशे में खो जाना


सब कुछ भूल कर उसी का हो जाना

रातों में चांद को देख मुस्कुराना


तन्हाइयों में धीमे से गुन गुनाना

किसी और को उसके साथ देख चिढ़ जाना


प्यार को भी प्यार से छुपाना

वो राहों में अचानक से उनका दिख जाना


यूं घंटों आइने के सामने मेरा शर्माना

रिमझिम सी बूंद भी गीत गाती थी मल्हार की


वो बात ही कुछ और थी पहले पहले प्यार की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance